Bngladesh में तख्तापलट, भारत के इस उद्योगपति को रिकॉर्ड नुकसान!
बांग्लादेश में आरक्षण के नाम पर तख्तापलट भी हो गया. हिंसा नहीं रुक रही है. शेख हसीना ने PM पद छोड़ दिया, लेकिन हिंसा की आग खत्म नहीं हुई है.
इस तख्तापलट का असर भारत पर भी पड़ा है. उन कंपनियों को झटका लगा है, जिसने बांग्लादेश में मोटा निवेश किया है.
इसमें भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी का नाम शामिल है. अडानी के अलावा देश की 5 बड़ी पावर कंपनियों को 1 खबर डॉलर यानी लगभग 8400 करोड़ से ज्यादा नुकसान हुआ है.
दरअसल, बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करने वाली कंपनी को नुकसान हो सकता है. इनके कई पेमेंट भी अटके हैं . अडानी समेत 5 पावर कंपनियों का 1 अरब डॉलर से अधिक का बकाया है.
इसका भुगतान बांग्लादेश की सरकार को करना है, लेकिन वहां की राजनीतिक अस्थिरता के चलते इन कंपनियों तगड़ा नुकसान हो सकता है. बांग्लादेश में गौतम अडानी का मोटा पैसा फंसा है.
अडानी पावर झारखंड के गोड्डा पावर प्लांट के जरिए बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति करती है. तख्तापलट के बाद से कंपनियों का भुगतान अटक गया है.
बांग्लादेश को बिजली सप्लाई के बदले में अडानी पावर को करीब 800 मिलियन डॉलर यानी करीब 6700 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करना है, लेकिन हिंसा और तख्तापलट के चलते इस पर संशय मंडराने लगा है.
अडानी पावर के अलावा पीटीसी इंडिया, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भी बांग्लादेश में बिजली आपूर्ति करती है. एसईआईएल एनर्जी इंडिया और सरकारी बिजली एनटीपीसी बांग्लादेश में पावर सप्लाई करती हैं.
इन कंपनियों के बिलों का भुगतान भी अटका हुआ है. पेमेंट अटकने के बावजूद भारतीय कंपनियों ने बांग्लादेश को फिलहाल बिजली सप्लाई रोकी नहीं है. माना जा रहा है कि भारत-बांग्लादेश के बीच मजबूत रिश्ते के चलते कंपनियां अब तक सप्लाई बनाए हुए हैं.
भले ही कंपनियों ने दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की वजह से अब तक पावर सप्लाई न रोकी हो, लेकिन बकाया भुगतान में देरी के बाद कंपनियां लॉन्ग टर्म तक ऐसा नहीं कर सकेंगी.
अगर हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता को झेल रहा बांग्लादेश जल्द ही बिजली कंपनियों के पेमेंट का इश्यू रिजॉल्व नहीं करता है तो उसे अंधेरे में डूबना पड़ सकता है. बिना भुगतान के कंपनियों के लिए लॉग टर्म में पावर सप्लाई को जारी रखना मुश्किल हो जाएगा.
अगर बांग्लादेश अडानी पावर समेत बाकी पावर कंपनियों का बकाया पेमेंट नहीं करता है, तो कंपनी बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई रोक सकती है. ऐसे में बांग्लादेश अंधेरे में डूब जाएगा.