डांस करना ही नहीं देखना भी दिमाग के लिए फायदेमंद,
रिसर्चर्स का
दावा
डांस या नृत्य करना सिर्फ एक कला ही नहीं, बल्कि एक मेंटल एक्सरसाइज भी है, जो करने और देखने दोनों लोगों के लिए बेहतर होता है.
दरअसल, एक जापानी रिसर्च से पता चला है कि नृत्य देखने से हमारे दिमाग में कुछ हलचल होती है.
यह हलचल पूरे दिमाग में पॉजिटिव तरंग पैदा करती है. नतीजतन इमोशनल और एस्थेटिक प्रोसेसिंग बेहतर होती है.
डांस मूवमेंट, संगीत की धुन, सौंदर्य और चेहरे के हाव-भाव जैसे फीचर्स इंसान के दिमाग के अंदर डांस की मैपिंग को प्रभावित करते हैं.
स्टडी के अनुसार, अपनी शैली में निपुण डांसर्स के पास हर डांस स्टाइल के लिए ज्यादा अलग और अनोखे न्यूरल मैप थे.
ऐसे में डांसर्स के दिमाग ने शुरुआती लोगों की तुलना में मूवमेंट और संगीत पर अलग तरह से प्रतिक्रिया दी.
वहीं, जब कोई व्यक्ति डांस देखता है तो उसका दिमाग भावनात्मक और संगीतमय इशारों के साथ कोऑर्डिनेशन में काम करता है.
रिसर्चर्स का कहना है कि यह कनेक्शन इंसान मूवमेंट-बेस्ड आर्ट को समझने और बनाने में अहम भूमिका निभाता हैं.
सबसे खास ये है कि लंबे समय तक डांस ट्रेनिंग दिमाग के स्ट्रक्चर को बदल सकती है.