कौन हैं न्यायमूर्ति ए. मोहम्मद मुस्ताक? जो सिक्किम हाईकोर्ट के बने CJI 

जस्टिस ए मुहम्मद मुस्ताक ने रविवार को सिक्किम हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली. 

राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने गंगटोक के लोक भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई. 

केंद्र सरकार ने 3 जनवरी को भारत के CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद जस्टिस मुस्ताक को सिक्किम हाई कोर्ट के CJI के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी थी.

बता दें कि 1 जून 1967 को जन्मे जस्टिस मुस्ताक केरल के कन्नूर जिले के थाना के रहने वाले हैं. 

उन्होंने वीबी कॉलेज ऑफ लॉ, उडुपी से कानून की डिग्री हासिल की और बाद में एमजी यूनिवर्सिटी से लेबर लॉ में एलएलएम पूरा किया.

उन्होंने 1 अक्टूबर 1989 को एक वकील के रूप में नामांकन कराया और कन्नूर में विभिन्न अदालतों और वैधानिक प्राधिकरणों के समक्ष सात साल तक प्रैक्टिस की.

बाद में अपने करियर के दौरान, उनके प्रैक्टिस के क्षेत्रों में सिविल, वाणिज्यिक, संवैधानिक, प्रशासनिक, सेवा और आपराधिक कानून के अलावा दूरसंचार, बौद्धिक संपदा और सूचना प्रौद्योगिकी कानून शामिल थे.

उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन (आईआईएएम) के साथ मध्यस्थता प्रशिक्षण के लिए एक फैकल्टी सदस्य के रूप में भी काम किया और आईसीएडीआर और आईआईएएम के साथ एक पैनल मध्यस्थ थे.

जस्टिस मुहम्मद मुस्ताक ने 23 जनवरी, 2014 को केरल हाई कोर्ट के एडिशनल जज के तौर पर शपथ ली थी. 10 मार्च, 2016 से उन्हें परमानेंट जज नियुक्त किया गया था. उन्होंने 5 जुलाई से 21 सितंबर, 2024 तक केरल हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर भी काम किया है.