षटतिला एकादशी पर तिल से करें ये उपाय, जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि
सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है. इस दिन भगवान विष्णु के निमित्त व्रत रखकर विधि विधान से उनका पूजा किया जाता है.
माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को षटतिला एकादशी मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल एकादशी 14 जनवरी को मनाई जा रही.
इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है. ज्योतिष के मुताबिक, इस दिन तिल से उपाय करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
मान्यता है कि तिल की उत्पत्ति भगवान विष्णु के पसीने से हुई है, इस दिन तिल को कूटकर उसका उबटन बना कर लगाने से सौंदर्य में निखार आता है. साथ ही त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात मिलता है.
मान्यता के अनुसार, षटतिला एकादशी के दिन अगर आप पानी में सफेद या काले तिल डालकर स्नान करते हैं तो आपको आरोग्य की प्राप्ति होती है. इसके अलावा आपकी आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है.
जो व्यक्ति षटतिला एकादशी के दिन तिल मिले पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करते हैं उन्हें जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती होती है.
षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान दुख, दर्द और दरिद्रता को दूर करता है. इसके अलावा इस दिन काले तिल से तर्पण करने पर पितरों का आशीर्वाद मिलता है. साथ ही राहु, केतु और शनि दोष से मुक्ति मिलती है.
षटतिला एकादशी पर तिल का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. माना जाता है कि इससे किसी तरह की बीमारी आपको जकड़ नहीं सकती.
अगर कोई इंसान षटतिला एकादशी पर तिल से आहुति देता है उसके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ जाता है. नकारात्मकता दूर होती है. साथ ही ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति में वृद्धि होती है.