कौन है दुनिया का सबसे ईमानदार देश, किस नंबर पर हैं भारत-पाकिस्तान?

ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के फरवरी 2026 में जारी लेटेस्ट करप्शन परसेप्शन इंडेक्स ने एक बार फिर देशों के ईमानदार होने पर फोकस किया है.

ऐसे में लगातार आठवें साल डेनमार्क ने दुनिया के सबसे कम करप्ट देश के तौर पर टॉप पोजीशन को हासिल किया है.

100 में से 89 के शानदार स्कोर के साथ डेनमार्क मजबूत इंस्टीट्यूशन, ट्रांसपेरेंट, गवर्नेंस और पब्लिक सेक्टर में करप्शन के कम लेवल की वजह से ग्लोबल रैंकिंग में टॉप पर बना हुआ है.

डेनमार्क के ठीक पीछे फिनलैंड है जो 88 के स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर है. इसके बाद सिंगापुर आता है जिसका स्कोर 84 है और यह तीसरे नंबर पर है.

इन देशों ने असरदार कानून के राज और सख्त एंटी करप्शन फ्रेमवर्क के लिए बड़े पैमाने पर पहचान हासिल की है.

इस रैंकिंग में भारत 182 देशों में 39 स्कोर के साथ 91वें नंबर पर है, जो पिछले साल 96वें नंबर पर था.

हालांकि भारत का स्कोर ग्लोबल एवरेज 42 से नीचे बना हुआ है. यह पब्लिक सिस्टम में  करप्शन को दूर करने में चल रही चुनौतियों को दिखाता है.

वहीं, पाकिस्तान 28 स्कोर के साथ 136वें नंबर पर है. देश पिछले साल की तुलना में एक नंबर नीचे खिसक गया है.

यह गवर्नेंस स्ट्रक्चर में ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी को लेकर लगातार चिंताओं को दिखा रहा है.

साउथ एशिया में भूटान इस इलाके का सबसे ईमानदार देश है. यह ग्लोबल लेवल पर 18वें नंबर पर जबकि चीन 73वें नंबर पर और बांग्लादेश 150वें नंबर पर है.

इस लिस्ट में सबसे नीचे सोमालिया और साउथ सूडान हैं. इन्हें रैंकिंग में 100 में से सिर्फ 9 अंक मिले हैं.

इन देशों को गंभीर गवर्नेंस संकट, अस्थिरता और कमजोर संस्थागत ढांचे का सामना करना पड़ रहा है.