रास्ते  में शव यात्रादेखना शुभ या अशुभ? दिखने पर करें ये उपाय, वरना

इस धरती पर दो ही चीजें अटल सत्य हैं. एक जन्म और दूसरा मृत्यु. मृत्यु हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है.

सनातन धर्म में मृत्यु के बाद शव यात्रा निकाली जाती है. इस धर्म में शव यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. शवदाह के एक-एक नियम को निभाया जाता है. इससे मृत व्यक्ति की आत्मा को शांति मिलती है.

हालांकि, लोगों के मन में अक्सर ये सवाल रहता है कि क्या शव यात्रा दिखना शुभ होता है या असुभ. ऐसे में आइए जानते हैं कि शास्त्र क्या कहता है…

शास्त्रों के अनुसार, शव यात्रा देखना शुभ माना जाता है, शव यात्रा में शामिल होने से पुरानी इच्छा की पूर्ति होती है. वहीं, अगर कहीं जाते समय रास्ते में शव यात्रा दिख जाए तो इसे बेहद शुभ माना जाता है.

कहीं यात्रा पर जाते समय शव यात्रा दिख जाए तो ऐसा होना इस बात का संकेत देता है कि यात्रा सफल होगी या जिस काम के लिए निकलें है वो पूरा होगा.

शव यात्रा दिखने पर शव को नमस्कार करें और दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति की प्रार्थना करें. वहीं, अगर शव यात्रा किसी परिचित का हो तो कंधा देना पुण्य की प्राप्ति के रास्ते खोल सकता है.

अगर किसी शादीशुदा महिला की शव यात्रा दिख जाए तो थोड़ी देर बाद किसी मंदिर में सिंदूर का दान करें. ऐसा करना शुभ होता है. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.

शव यात्रा दिख जाए तो आत्म-चिंतन करें. जीवन का अंतिम सत्य मृत्यु है. इस बात का विचार करें कि अगर मृत्यु ही आनी है तो ये अहंकार क्यों, इसे त्यागने का संकल्प करें ताकि मानसिक शांति मिल सके.

अगर शव यात्रा दिख जाए तो घर आकर हाथ-पैर धोएं या स्नान करें. अपने ऊपर गंगाजल छिड़कें और नमक मिले पानी से भी नहा सकते हैं. इसके बाद अपने इष्ट देव का ध्यान करें.