WFH करने वाले हो जाएं सावधान! चिंता, डिप्रेशन के हो सकते हैं शिकार

कोविड 19 के दौरान लोगों ने मजबूरी में घर से काम किया. इस दौरान ऑफिस जाने की झंझट खत्म हुई. जिसके बाद ज़्यादातर लोगों को WFH करना अच्छा लगने लगा.

लेकिन हाल ही में एक रिसर्च सामने आई है जिसमें बताया है कि वर्क फ्रॉम होम की वजह से इंसान अकेलापन, चिंता और डिप्रेशन का शिकार हो सकता है.

न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक की इकोनॉमिस्ट नतालिया की टीम द्वारा की गई रिसर्च को जर्नल साइंस में पब्लिश किया गया. जिसके अनुसार लोग घर से काम करने के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्सा जैसे (10 प्रतिशत) छोड़ने के लिए भी तैयार हैं.

रिसर्च के अनुसार घर में काम करने वाले लोग ज्यादा समय अकेले बिताते हैं. ऑफिस जाने के दौरान रोजाना ट्रैफिक, लंबा सफर, ऑफिस पहुंचने में दिक्कत होती है लेकिन रोजाना ऑफिस जाना लोगों से मिलना फ्यूचर के लिए फायदेमंद होता है.

वर्क फ्रॉम होम के दौरान लोग अकेले में समय बिताते हैं. 58 प्रतिशत लोग घंटों अकेले रहते हैं. वह पूरे दिन बहुत ही कम लोगों से मिलते हैं. कुछ लोग तो पूरा दिन ऐसे ही बिता देते हैं. जो कि मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है.

घर से काम करने वाले लोग काम खत्म करने के बाद भी दोस्तों के साथ ज्यादा समय नहीं बिता रहे हैं. लोगों का पब्लिक कनेक्शन बहुत ही ज्यादा कम हो गया है.

वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों में डिप्रेशन और चिंता की समस्या अधिक देखने को मिली है. इसके साथ ही साइकेट्रिस्ट के पास जाने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ गई है. ऐसे में ज्यादातर लोग इमोशनल रूप से बहुत ज्यादा स्ट्रेस में रहने लगे हैं.

लंबे समय तक अकेले रहने से ना केवल लोगों के मेंटल हेल्थ बल्कि शारीरिक हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता है. अकेले रहने की वजह से इम्यून सिस्टम बेहद कमजोर हो जाता है. जिसका सीधा असर हार्ट और नर्वस सिस्टम पर पड़ता है. ऐसे में तनाव और उदासी काफी हद तक बढ़ जाती है.