रिलेशनशिप से लेकर शराब पीने तक, बच्चे अपने पेरेंट्स के छिपाते हैं ये बातें

अक्सर माता-पिता को अपने बच्चों की चिंता सताती है कि उनका बच्चा क्या कर रहा, उसके दोस्त कैसे हैं, वो कहां जा रहा. ख़ासकर जब बच्चा अपनी टीनेज में हो.

इस उम्र के बच्चों पर हर माता-पिता को नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यही उम्र होती है उनके बनने और बिगड़ने की.

हालांकि, नज़र रखने के बाद भी बच्चे अपने पेरेंट्स के कुछ बातें छिपाने लगते हैं. आइए जानते हैं….

इस उम्र में बच्चों का शारीरिक और भावनात्मक बदलाव होता है, जिससे वो कई सवालों से जूझने लगते हैं. ऐसे में अगर पेरेंट्स फ्रेंडली नहीं होते हैं, तो बच्चा अपनी फीलिंग्स छिपाने लगता है.

इस उम्र में रिलेशनशिप में पड़ जाना सामान्य बात है. हालांकि, डाँट के डर से बच्चे अपने रिलेशनशिप को लेकर पेरेंट्स से झूठ बोलना शुरू कर देते हैं.

टीनेजर बाहर की दुनिया की आजादी देखकर अपनी भी आजादी चाहता है. जिसके बाद वो अपने दोस्तों के साथ बाहर निकलने, घूमने-फिरने से ख़ुद को रोक नहीं पाता. ऐसे में वो अपने माता-पिता से छुपकर कहीं भी घूमने चले जाते हैं.

इस उम्र में बच्चे सब कुछ जानना चाहते हैं. ऐसे में चोरी-छिपे इंटरनेट सर्फिंग का इस्तेमाल करने लगते हैं. वो सोशल मीडिया पर बिना किसी को जाने बात करने लगते हैं. जो कभी-कभी साइबर बुलिंग का खतरा बन जाता है.

इस उम्र में बच्चों का मन पढ़ाई से भटकने लगता है. ऐसे में वो पढ़ाई में अच्छा परर्फॉर्म नहीं कर पाते. फिर वो अपने पेरेंट्स से मार्क्स और ग्रेडस् छिपाने लगते हैं.

ग़लत संगती अक्सर बच्चों को बिगाड़ देती है. कई बार बच्चे ख़राब संगत में पड़कर सिगरेट या शराब पीना शुरू कर देते हैं.