मंगला गौरी व्रत पर करें ये उपाय, दूर होगा मांगलिक दोष
सावन का पावन महीना चल रहा है. इस महीने भगवान शंकर के साथ उनकी अर्धांगिनी मां पार्वती की पूजा की जाती है.
सावन सोमवार का दिन भगवान शंकर और मंगलवार का दिन मां पार्वती को विशेष रूप से समर्पित है. श्रावण मास में पड़ने वाले हर मंगलवार के दिन मां मंगला गौरी का व्रत रखा जाता है.
ऐसी मान्यता है कि जिस जातक के वैवाहिक जीवन मे दिक्कत आ रही है, या कुंडली में मौजूद मांगलिक दोष के कारण शादी में देरी हो रही है.
वे यदि सावन माह में पड़ने वाली मंगला गौरा व्रत रखते हैं, तो उनके कुंडली से मंगल दोष समाप्त हो जाता है. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में…
यदि आपके कुंडली में मंगल दोष है जिसके चलते आपके विवाह में बार बार अड़चने आ रही है तो हर मंगला गौरी व्रत के दिन मिट्टी के खाली पात्र को बहते पानी में प्रवाहित करें.
इस उपाय को करने से कुंडली में मौजूद मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और विवाह में आ रही समस्या दूर हो जाती है.
यदि किसी कुंवारी कन्या के विवाह में दिक्कत आ रही है, तो वे इससे मुक्ति पाने के लिए मंगला गौरी व्रत के दिन ‘ओम गौरी शंकराय नमः’ मंत्र का जाप करें.
चाहे तो इस मंत्र का जाप पूरे महीने भी नियमित कर सकते हैं. इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में आ रही मुश्किल दूर होती है.
यदि आप कुंडली में खराब मंगल के चलते परेशान हो रहे हैं तो सावन माह में पड़ने वाले मंगलवार को मंगला गौरी और हनुमान जी की विधि विधान से पूजा करें.
इस दिन सुंदरकांड का पाठ करें. साथ ही मां मंगला गौरी और हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें. ऐसी मान्यता है कि इस उपाय को करने से मंगल दोष के वजह से करियर में आ रही रुकावट खत्म हो जाती है.