क्या आप भी लाइट On करके सोते हैं, सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
अक्सर लोग रात में सोते समय लाइट ऑफ करके और कमरे में पूरी तरह से अंधेरा करते सोते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो लाइट ऑन करके सोते हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नींद हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में बेहद अहम भूमिका निभाती है. ऐसे में जब लाइट के कारण नींद ख़राब होता है. तो इसका असर हमारे हार्मोन पर पड़ता है.
पीरियड साइकिल के अलग अलग चरण, जैसे मेंस्ट्रुअल, फॉलिक्युलर, ओव्युलेटरी और ल्यूटियल फेज, नींद में गड़बड़ी और शरीर की सर्केडियन रिदम यानी बॉडी क्लॉक के बिगड़ने के काफी चांसेज होते हैं.
रात में लाइट के संपर्क में आना, चाहे वह कमरे की लाइट हो या फोन गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट, मेलाटोनिन हार्मोन के प्रोडक्शन को दबा सकता है.
यही वह हार्मोन है जो शरीर को नींद का संकेत देता है, और रिप्रोडक्टिव हेल्थ व हार्मोनल रेगुलेशन में अहम भूमिका निभाता है.
जब मेलाटोनिन प्रोडक्शन बिगड़ता है, तो नींद इफैक्ट होती है, जिससे स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का लेवल बढ़ सकता है.
जब कॉर्टिसोल लेवल हाई हो जाता है, तो इंसुलिन रेगुलेशन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है, जिससे शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ जाती है.
यह इंफ्लेमेशन आगे चलकर हार्मोनल बैलेंस और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी असर कर सकता है.
एर्सपर्ट्स के मुताबिक, सोते वक्त कमरा जितना हो सके उतना अंधेरा रखा जाए, क्योंकि रोशनी वाले कमरे में सोना शरीर की नेचुरल स्लीप वेक साइकिल में बाधा डाल सकता है.