किचन की ये 5 चीजें बढ़ा सकती हैं दिल की बीमारी का खतरा, बरतें सावधानी!
आज के दौर में हार्ट से जुड़ी बीमारियां सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं. खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और बदलती लाइफस्टाइल के कारण कम उम्र में भी हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में हर मिनट करीब आठ लोगों की मौत कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (CVD) के कारण होती है. इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिनकी मौत 70 वर्ष की उम्र से पहले हो जाती है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि रोजाना के खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है.
हमारी रसोई में कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जिनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल लंबे समय में सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रोजाना की डाइट और हार्ट हेल्थ के बीच सीधा संबंध है. ऐसे में खाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों की मात्रा पर नियंत्रण रखना जरूरी है…
खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक और चीनी का इस्तेमाल आम है, लेकिन इनकी ज्यादा मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है. अधिक नमक का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने में योगदान दे सकता है, जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है.
वहीं, ज्यादा चीनी लेने से वजन बढ़ने और मोटापे के साथ डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. ये सभी स्थितियां आगे चलकर हार्ट डिजीज के जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं.
खाना बनाने और तलने के लिए तेल का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है. हालांकि, डाइट में तेल की मात्रा जरूरत से ज्यादा होने पर कुल फैट और कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है.
ब्रेड, पिज्जा, पास्ता, कुकीज और कई तरह के पैकेज्ड फूड में मैदा का इस्तेमाल होता है. इन चीजों को बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाने से डाइट में जरूरी पोषक तत्वों की जगह कम पौष्टिक विकल्पों की मात्रा बढ़ सकती है.
रसोई में प्लास्टिक के डिब्बों का इस्तेमाल सुविधाजनक होने के कारण काफी आम है. हालांकि, गर्म भोजन को लंबे समय तक ऐसे कंटेनर में रखने से बचना चाहिए. जहां संभव हो, भोजन को स्टोर करने के लिए उचित और सुरक्षित कंटेनर का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है.
रसोई में मौजूद सिर्फ नमक, तेल या चीनी ही नहीं, बल्कि ज्यादा प्रोसेस्ड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ भी डाइट को असंतुलित कर सकते हैं. इनमें अक्सर नमक, चीनी और फैट की मात्रा अधिक हो सकती है.
ऐसे खाद्य पदार्थों को रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाने के बजाय ताजे और कम प्रोसेस्ड विकल्पों को प्राथमिकता देना बेहतर है.