निशाचरी यानी अमावस्या की रात है बेहद खतरनाक, भूलकर भी न करें ये काम

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र माह में कृष्ण पक्ष के दौरान चैत्र अमावस्या मनाई जाती है. इस साल 08 अप्रैल 2024 को चैत्र अमावस्या है.

चैत्र अमावस्या भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है. हिंदू धर्म में अमावस्या को निशाचरी रात कहा जाता है.

इस दिन नकारात्मक शक्तियां काफी सक्रिय हो जाती हैं. ऐसे में इस दिन कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता होती है.

इस साल अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी रहेगा. इसलिए ग्रहण और अमावस की रात बाहर न निकले. सुनसान या शमशाम जैसी जगहों पर भूलकर भी न जाएं.

अमावस की रात चांद दिखाई नहीं देता. चंद्रमा का गहरा प्रभाव मानव मन पर पड़ता है. ऐसे में इस दिन लोगों के मन में बुरे विचार आने लगते हैं. इसलिए इस दिन ईश्वर की पूजा-पाठ करें.

अमावस की रात भूलकर भी शराब, मांसाहार भोजन, सरसों का साग, चना, मूली, मसूर की दाल जैसी चीजों का सेवन न करें.

अमावस के दिन भूलकर भी पितरों का अपमान न करें. इसके अलावा जानवरों को भी परेशान न करें. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है.

अमावस के दिन कोई मांगलिक काम न करें.

(अस्वीकरण: लेख में दी गई जानकारी सामन्य जानकारियों पर आधारित है, ‘द प्रिंटलाइंस’ इसकी पुष्टी नहीं करता है.)