अगर आपकी कुंडली में कमजोर हैं 'सूर्य’, तो शरीर में दिखते हैं ये लक्षण

सनातन धर्म में सूर्य देव को आत्मा, मान-सम्मान, सफलता और अच्छी सेहत का कारक माना जाता है.

अगर व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो वो राजा की तरह सुख भोगता है. वहीं, जिसकी कुंडली में सूर्य कमजोर होते हैं, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

इसके अलावा उन्हें समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता. ना ही उन्हें कभी सफलता मिलती है.

शास्त्रों के अनुसार, जब कुंडली में सूर्य की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तो इसके संकेत आपके शरीर और कार्यक्षेत्र में दिखने लगते हैं. आइए जानते हैं वो संकेत…

सूर्य कमजोर होने पर आंखों की रोशनी कम होना, सिरदर्द रहना और हड्डियों में कमजोरी या दर्द की शिकायत रहती है.

व्यक्ति बिना किसी भारी काम के भी हमेशा थका हुआ और ऊर्जाहीन महसूस करता है. कुछ मामलों में दिल से जुड़ी बीमारियां या ब्लड प्रेशर की समस्या भी बढ़ जाती है.

अगर सूर्य कमजोर होते हैं, तो कड़ी मेहनत के बाद भी कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से अनबन रहती है और अप्रेजल या प्रमोशन में बाधाएं आती हैं.

व्यक्ति को समाज या परिवार में वह प्रतिष्ठा नहीं मिलती जिसके वह हकदार हैं. बिना वजह झूठे आरोप या अपयश का सामना करना पड़ सकता है.

कुंडली में सूर्य के कमजोर होने से निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो जाती है और व्यक्ति हर काम में संकोच करने लगता है.