बाएं हाथ से भूलकर भी न करें ये 3 काम, वरना हो जाएंगे कंगाल
सनातन धर्म में हर चीज़ को लेकर ख़ास नियम बनाए गए हैं. अक्सर हम किसी भी शुभ कार्य में दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं.
वहीं, कुछ लोग जाने-अनजाने में शुभ कार्यों में अपने बाएं का इस्तेमाल करते हैं. शास्त्रों के अनुसार, बायां हाथ शुक्र का होता है.
शुक्र जीवन में कई बार क्लेश और असफलता का कारण बन सकता है. ऐसे में तीन शुभ कार्यों को भूलकर भी बाएं हाथ से नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं…
ईश्वर का प्रसाद हो या फिर भोजन यदि आप इसे बाएं हाथ से ग्रहण करते हैं, तो जो सकारात्मक ऊर्जा आपके अंदर प्रवेश कर सकती थी, उसे प्राप्त करने में आप असफल हो जाएंगे.
मान्यताओं के अनुसार खाना और प्रसाद हमेशा दाएं हाथ से ही ग्रहण करने चाहिए. इस हाथ में बृहस्पति का वास होता है. दाएं हाथ से कुछ भी ग्रहण करने से शरीर को उसके पौष्टिक तत्व मिल सकते हैं.
बाएं हाथ से बड़े- बुजुर्ग का आशीर्वाद लेना यानी उसका अपमान करना है. बड़ों का अपमान करने से सूर्य, शनि और चंद्रमा दोष आपकी कुंडली में लग सकता है.
इसलिए हमेशा दाएं हाथ से आशीर्वाद लेना चाहिए या फिर आप आशीर्वाद लेते वक्त दोनों हाथों का भी प्रयोग कर सकते हैं.
दान-पुण्य हमेशा सीधे दाएं हाथ से ही करना चाहिए. मान्यता है कि बाएं से किया गया दान कभी भी पुण्य फल नहीं देता है, क्योंकि फिर यह दान नहीं भीख कहलाता है.
यह दर्शाता है कि दान देने वाला व्यक्ति कितना अहंकारी है. बाएं हाथ से किया गया दान पुण्य नहीं पाप कहलाता है.