नया घर बनवाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना जीवन भर रहेंगे अशांत

अपना खुद का घर होना हर किसी के जीवन का सबसे बड़ सपना होता है. लोग घर बनवाते समय हर चीज़ अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार कराते हैं.

लेकिन कई बार घर वास्तु के हिसाब से न होने के कारण व्यक्ति के जीवन में हमेशा अशांति छाई रहती है.

ऐसे में आइए वास्तु के अनुसार जानते हैं कि नया घर बनवाते समय कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए…

वास्तु के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है. साथ ही इसी द्वार से नकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश होता है. ऐसे में नया मकान बनवाते वक्त मुख्य द्वार की दिशा का खास ख्याल रखना चाहिए.

मुख्य प्रवेश द्वार के लिए सबसे उपयुक्त दिशा उत्तर, पश्चिम और पूर्व-उत्तर (ईशान कोण) को माना गया है. बड़े-बड़े वास्तुविद् इसी दिशा में मुख्य द्वार बनाने की सलाह देते हैं. इसके अलावा मुख्य द्वार के सामने की जगह को खाली रखना चाहिए.

वास्तु के अनुसार, घर में किचन की दिशा भी वास्तु को प्रभावित करती है. इसलिए किचन बनाने से पहले उसके लिए उपयुक्त दिशा का ध्यान रखना जरूरी है.

वास्तु नियम के मुताबिक, उत्तर-पूर्व दिशा किचन बनाने किए सही नहीं है. रसोईघर के लिए सबसे शुभ और उपयुक्त दिशा दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह दिशा भगवान को समर्पित होता है.

कई बार लोग इस दिशा को सीढ़ियों, स्टोर रूम या फिर बाथरूम के लिए इस्तेमाल करते हैं. वास्तु के मुताबिक, यह उचित नहीं है. इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है.