भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर कर लें ये उपाय, विघ्नहर्ता दूर करेंगे सभी कष्ट

आज चैत्र माह की कृष्ण चतुर्थी तिथि को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है. इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है.

इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है. 

शास्त्रों के अनुसार, आज के दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में...

नौकरी की तलाश करने वालों को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन स्नान आदि कर घी में बेसन भूनकर उसमें पिसी हुई शक्कर मिलानी चाहिए और इस भोग को गणेश जी को अर्पित करना चाहिए. श्री गणेश जी की मूर्ति की तीन बार परिक्रमा करें. जल्द ही शुभ परिणाम प्राप्त होंगे.

दांपत्य जीवन में सुख की वृद्धि के लिए शभालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा करें और तिल से हवन करें. हवन में सफेद तिलों की 108 आहुति दें. दांपत्य जीवन सुखमय होगा.

काम में मेहनत के बाद भी सफलता न मिल रही हो तो गणेश जी के मंत्र का 11 बार जाप करें. मंत्र है- “गं गणपतये नमः” फूल चढ़ाएं. इससे जीवन की विघ्न बाधाएं दूर होती हैं और काम बनने लगते हैं.

परिवार के किसी सदस्य का स्वास्थ्य हमेश खराब रहता है तो शभालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन 3 गोमती चक्र, 11 नागकेशर के जोड़े व 7 कौड़ियां लें और सफेद कपड़े में बांधकर इसकी पोटली बना लें. अब बीमार व्यक्ति के सिर से इसे 6 बार क्लॉक और एक बार एंटी क्लॉक वाइज वार दें. इस पोटली को गणेश जी के मंदिर में चढ़ा आएं. परिणाम जल्द दिखेगा.

बुद्धि, प्यार, पैसा और यश की प्राप्ति करनी है तो संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी के मंत्र का 51 बार जाप करें. मंत्र है- “हस्तिपिशचिलिखे स्वाहा”.

करियर में सफलता चाहिए तो संकष्टी चतुर्थी पर स्नान आदि कर एक लोटा जल में दूर्वा डालकर भगवान गणेश के सामने रखें. अब विधि विधान से गणेश जी की पूजा करें और फिर चन्द्रोदय होने पर उसी लोटे के पानी से चंद्रमा को अर्घ्य दें. करियर में तरक्की होगी. आत्मविश्वास बढ़ेगा.