क्या निर्जला एकादशी व्रत में शाम को पी सकते हैं पानी? जानें नियम

सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी मनाई जाती है. ये दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है.

निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. इसके साथ ही उनके नाम से एकादशी का व्रत रखा जाता है.

इस साल 25 जून को निर्जला एकादशी है. मान्यताओं के अनुसार इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं.

निर्जला एकादशी व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना गया है क्‍योंकि इस व्रत में अन्‍न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है.

लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि क्या वो इस व्रत में शाम में पानी पी सकते हैं या नहीं. आइए जानते हैं इस व्रत के नियम…

शास्‍त्रों के अनुसार निर्जला एकादशी के व्रत में अन्‍न-जल ग्रहण नहीं किया जाता है. इसमें पूरे दिन या शाम को भी पानी नहीं पिया जाता है.

निर्जला एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद ही होता है. व्रत का पारण पानी पीकर और भगवान का प्रसाद तुलसी दल खाकर करना चाहिए.

निर्जला एकादशी व्रत में कुछ खाया नहीं जाता है. बीमार व्‍यक्ति या गर्भवती महिलाएं फलाहार ले सकती हैं. अन्‍य एकादशी व्रत में फल, दूध, मखाने की खीर, आलू, साबुदाना खिचड़ी, कुट्टु के आटे से बने पूरी आदि खा सकते हैं.

बता दें कि निर्जला एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि को 26 जून 2926, शुक्रवार की सुबह 06:01 बजे से 08:39 बजे तक किया जा सकेगा.