इस साल पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, जानें दुनिया पर क्या होगा असर
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि नई ऊर्जा, आस्था और नए साल की शुरुआत का प्रतीक है. नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है. इस साल 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हो रही है.
नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाती है. नवरात्रि में माता रानी की सवारी को महत्वपूर्ण माना जाता है.
मां दुर्गा के वाहन से ही जीवन में आने वाली शुभ और अशुभ घटनाओं का अनुमान लगाया जाता है.
इस साल गुरुवार के दिन से नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. जिसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को रामनवमी के साथ होगा.ऐसे में मां दुर्गा का वाहन पालकी रहेगा.
शास्त्रों के अनुसार डोली या पालकी से मां दुर्गा का आगमन अशुभ होता है. इससे देश में हिंसा, मंदी, महामारी, अप्राकृति घटना के संकेत मिलते हैं.
शास्त्रों के अनुसार अगर नवरात्रि की शुरुआत सोमवार या रविवार से होती है, तो माता हाथी पर आती हैं.
अगर नवरात्रि की शुरुआत शनिवार और मंगलवार से होती है, तो माता घोड़े पर आती हैं. वहीं बुधवार को माता नाव पर आती हैं.
अगर नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार और शुक्रवार से होती है, तो माता डोली या पालकी पर आती हैं. माता रानी के ये वाहन हैं शुभ और अशुभ.
हाथी पर आना- शुभ, नाव पर आना- शुभ, पालकी पर आना- अशुभ, घोड़े पर आना- अशुभ.