नवरात्र में आपकी पूजा से प्रसन्न नहीं हैं मां दुर्गा, ये संकेत होते हैं अशुभ
हिंदू धर्म में नवरात्रि का महीना बेहद ही शुभ माना जाता है. नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हैं. नवरात्रि के दौरान भक्त श्रद्धा से अखंड ज्योति जलाते हैं और कलश स्थापना करते हैं.
शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि में पूजा के दौरान कुछ शुभ और अशुभ सकंते मिलते हैं, जो ये दर्शाते हैं कि मां दुर्गा अपने भक्त से प्रसन्न हैं या नहीं.
ऐसे में आज हम आपको कुछ अशुभ संकेतों के बारे में बताएंगे, जो आपके जीवन में आने वाले खतरे की निशानी होते हैं...
नवरात्र में अखंड दीपक जलाया जाता है, अगर पर्याप्त घी या तेल होने के बावजूद या किसी अन्य वजह से दीपक बुझ जाता है, तो ये बेहद अशुभ माना जाता है.
ये पूजा में किसी बड़ी भूल या आने वाले समय में किसी संकत का संकेत हो सकता है. ऐसे में भक्त को तुरंत क्षमा याचना कर फिर से दीपक जलाना चाहिए.
कलश को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. ऐसे में अगर कलश अपने स्थान से गिर जाए या उसका नारियल नीचे गिर जाए, तो ये अशुभ होता है.
अगर कलश का पानी जल्दी सूख जाए, तो यह घर में धन की हानि या मानसिक तनाव बढ़ने का संकेत हो सकता है.
नवरात्र में बोए गए जौ हमारी भविष्य की स्थिति बताते हैं. ऐसे में अगर जौ बिल्कुल भी न उगे, या उगने के बाद काले पड़कर सूख जाएं.
तो ये किसी बीमारी या आर्थिक तंगी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा अगर जौ का रंग नीचे से पीला और ऊपर से सफेद न होकर पूरी तरह काला हो, तो ये नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है.
आरती करते समय अगर पूजा की थाली हाथ से छूट जाए या माता की प्रतिमा गिर जाए, तो यह मन की अशांति और कुल देवी-देवता की नाराजगी का प्रतीक माना जाता है.
नवरात्र के दौरान अगर घर के सामने कुत्ता रोए या बिल्ली गंदा कर दे, तो इसे अशुभ माना जाता है.