रक्षाबंधन पर बहनें भूलकर भी न करें श्रृंगार, वजह जान हो जाएंगे हैरान

सनातन धर्म में ग्रहण को एक अशुभ घटना माना जाता है. धार्मिक मान्‍यताओं के मुताबिक, ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा ग्रसित हो जाते हैं.

और इसकी निगेटीव एनर्जी बढ़ने लगती है. इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण सावन पूर्णिमा तिथि पर यानी 28 अगस्त को लगने जा रहा है.

इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जा रहा. ग्रहण काल को लेकर कई नियम बताए गए हैं, जिनमें से एक है महिलाओं का श्रृंगार करना.

चंद्र ग्रहण वाले दिन ही रक्षाबंधन है. ऐसे में इस दिन महिलाएं सजती-संवरती हैं और नए कपड़े पहनती हैं. हालांकि, ग्रहण काल में श्रृंगार करना अशुभ माना जाता है.

हिंदू मान्यताओं में श्रृंगार करना अति शुभ और पवित्र कार्य माना जाता है. वहीं, ग्रहण काल में किसी शुभ कार्य करने की सख्त मनाही होती है.

ऐसे में विवाहित और अविवाहित दोनों ही महिलाओं या बहनों को ग्रहण में भूलकर भी शृंगार नहीं करना चाहिए.

बता दें कि इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा जिसे भारत में देखा नहीं जा सकेगा. जिसके कारण इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा.

साल 2026 का चंद्र ग्रहण यूरोप, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ भाग में दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को सुबह के समय 08:04 से शुरू होगा और सुबह 11:21 बजे तक लगा रहेगा.

इस तरह ग्रहणकाल 03 घण्टे 16 मिनट का होगा. वहीं ग्रहण का पीक टाइम सुबह 09:43 बजे होगा.