आषाढ़ अमावस्या की शाम करें इन मंत्रों का जाप, पितरों की बनी रहेगी कृपा

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है.

मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए उपायों से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.

इस साल आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई 2026, यानी आज मनाई जा रही है.

शास्त्रों के अनुसार, आषाढ़ मास की अमावस्या की शाम कुछ मंत्रों का जाप करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है. आइए जानते हैं…

यदि आप पितरों की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो शाम के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके या पीपल के पेड़ के नीचे इस मंत्र का 108 बार जाप करें. "ॐ पितृभ्यः नमः"

"ॐ नमो भगवते वासुदेवाय"

धन-धान्य और सुख-समृद्धि के लिए: "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः"

संकट और बाधा निवारण के लिए  इस मंत्र का जाप करें - "ॐ नमः शिवाय"