देवशयनी एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप, विष्णु जी की बरसेगी असीम कृपा
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है. भगवान विष्णु को समर्पित यह व्रत हर महीने में 2 बार पड़ता है.
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी तिथि को देशवयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस साल 25 जुलाई, शनिवार के दिन देवशयनी एकादशी पड़ रही है.
एकादशी के दिन व्रत रखने और विधि विधान से पूजा करने से श्री हरि की विशेष कृपा मिलती है.
मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु का शयनकाल शुरू हो जाता है इसीलिए इसे देवशयनी एकादशी कहा जाता हैं.
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ ख़ास मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा बरसती है और जीवन की सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
ॐ नमोः नारायणाय
ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय
ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम् विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुडध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः