पुत्रदा एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप, संतान सुख की होगी प्राप्ति

हर साल सावन माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी व्रत रखा जाता है. यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है.

वहीं जो लोग संतान की कामना कर रहे हैं उन्हें भी यह व्रत रखकर शुभ फल प्राप्त होते हैं. इस साल पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त को रखा जाएगा.

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से कुछ मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही संतान सुख और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की जाती है.

ऐसे में आइए जानते हैं पुत्रदा एकादशी के दिन कौन-कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए…

‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’

ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते. देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥’ इस मंत्र का जाप संतान प्राप्ति की कामना के लिए किया जाता है. मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी पर भगवान श्रीकृष्ण यानी बाल गोपाल का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है.

‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ ये भगवान विष्णु का मूल मंत्र है. धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा से इसके जाप से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है.

‘ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि. तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥’ इस मंत्र का जाप भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए किया जाता है. इसे मानसिक शांति और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए शुभ माना जाता है.