80s रेट्रो लुक के पीछे छिपा डरावना राज, AI को फोटो देना पड़ सकता है भारी!

सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘ChatGPT 80s रेट्रो ट्रेंड’ तेजी से वायरल हो रहा है. लोग अपनी सामान्य सेल्फी को AI की मदद से 80 के दशक के विंटेज अंदाज में बदलकर Instagram और Facebook पर पोस्ट कर रहे हैं.

देखने में यह ट्रेंड भले ही मजेदार और क्रिएटिव लगे, लेकिन इसके साथ जुड़ा प्राइवेसी रिस्क नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. क्या एक रेट्रो फोटो के लिए AI को अपनी सेल्फी देना आपकी डिजिटल प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है?

दरअसल, AI प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर अपलोड करना महज फोटो शेयर करना नहीं है. उस इमेज से आपकी पहचान, लोकेशन और निजी जिंदगी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो डिजिटल प्राइवेसी के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं.

आपका चेहरा सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि आपकी बायोमेट्रिक पहचान का हिस्सा है. अगर हाई-क्वालिटी फोटो गलत हाथों में पहुंच जाए, तो उसके दुरुपयोग से डीपफेक, फर्जी प्रोफाइल या डिजिटल धोखाधड़ी जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं.

इसके अलावा, ओरिजिनल फोटो फाइल में कई बार फोन का मॉडल, फोटो लेने की तारीख और समय जैसी जानकारी मौजूद रहती है. कुछ तस्वीरों में लोकेशन से जुड़ा मेटाडेटा भी हो सकता है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि फोटो कहां ली गई थी.

सिर्फ इतना ही नहीं, फोटो के पीछे दिखाई देने वाली छोटी-छोटी चीजें भी आपकी प्राइवेसी उजागर कर सकती हैं. घर का नंबर, गाड़ी की नंबर प्लेट, सड़क का नाम या ऑफिस का साइनबोर्ड जैसी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को आपकी पहचान और लोकेशन के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है.

OpenAI की नीतियों के मुताबिक, ChatGPT में आपकी कंटेंट सेटिंग्स इस बात को प्रभावित करती हैं कि आपकी बातचीत और अपलोड किए गए कंटेंट का इस्तेमाल मॉडल सुधारने के लिए किया जा सकता है या नहीं. इसलिए किसी भी निजी फोटो को अपलोड करने से पहले अपनी Data Controls और Privacy Settings को जरूर जांच लेना बेहतर है.

अगर आप AI की मदद से अपनी तस्वीर को रेट्रो लुक देना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहतर है. ChatGPT की Settings > Data Controls में जाकर “Improve the model for everyone” विकल्प को Off कर दें.

संवेदनशील तस्वीरों के लिए Temporary Chat का इस्तेमाल करें. OpenAI के अनुसार, Temporary Chat में भेजी गई बातचीत का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जाता और इसे आम तौर पर 30 दिनों के भीतर सिस्टम से हटा दिया जाता है.

फोटो अपलोड करने से पहले घर का नंबर, गाड़ी की नंबर प्लेट, ऑफिस की पहचान या अन्य गैर-जरूरी निजी जानकारी को क्रॉप या ब्लर कर दें.

सोशल मीडिया विज्ञापनों या ऐप स्टोर पर मौजूद अनजान थर्ड-पार्टी AI ऐप्स को बिना जांचे अपनी पूरी फोटो गैलरी का एक्सेस न दें. बच्चों की तस्वीरें, आधार या अन्य पहचान-पत्र और बेहद निजी पारिवारिक तस्वीरें किसी अनजान AI टूल पर अपलोड करने से बचें.