धरती पर भक्‍तों के बीच मौजूद हैं ये 5 देवी-देवता, दूर करते हैं सभी संकट

सतयुग-द्वापरयुग में कठोर तप करने वाले भक्‍तों को भगवान स्वयं प्रकट होकर दर्शन देते थे. 

लेकिन अब कलयुग में ऐसा कुछ भी संभव नहीं है. हालांकि, शास्त्रों के अनुसार कुछ देवी-देवता ऐसे हैं आज भी धरती पर मौजूद हैं. 

इन्हें कलयुग का जागृत देवी-देवता कहा गया है. ये अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं. आइए जानते हैं उन देवी-देवताओं के नाम...

हनुमान जी को अमरता का वरदान प्राप्‍त है. मान्यता है कि बजरंगबली आज भी धरती पर मौजूद हैं. 

हनुमान जी अपने भक्तों की गुहार तुरंत सुनते हैं और उनके सभी संकट दूर करते हैं. 

मान्यताओं के अनुसार, कृष्‍ण जी ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि उन्‍हें कलयुग में उनके नाम से पूजा जाएगा. 

इसलिए खाटू श्‍याम बाबा को कलयुग का जागृत देवता माना गया है. राजस्‍थान स्थित बाबा के धाम में अपनी गुहार लेकर भारी संख्‍या में भक्‍त पहुंचते हैं.

भगवान शिव के अवतार हैं काल भैरव. वे भगवान शिव का रौद्र अवतार हैं. 

कहा जाता है कि कलयुग में काल भैरव की उपासना करना तेजी से फल देती है. साथ ही शनि-राहु जैसे ग्रह दोष दूर करती है.

मां काली को भी कलयुग की जागृत देवी माना गया है. उनका रौद्र रूप दोषियों को दंड देने वाला है. वहीं दूसरी ओर वे बेहद ममतामयी और न्‍याय करने वाली देवी हैं. 

सूर्य देव ऐसे देवता हैं जो रोजाना दर्शन देते हैं. सूर्य देव को रोजाना जल अर्पित करना सबसे फलदायी कार्य माना गया है. सूर्य देव को भी कलयुग का जागृत देवता कहा गया है.