दांतों की झनझनाहट और बदबू की वजह बनती हैं ये 5 ब्रशिंग गलतियां, यहां जानें

अगर आप रोजाना ब्रश करते हैं, फिर भी दांतों में झनझनाहट, मसूड़ों में दर्द या सूजन, कैविटी और मुंह से बदबू जैसी समस्याएं परेशान कर रही हैं, तो इसकी वजह आपकी ब्रशिंग की आदतें हो सकती हैं. कई लोग दिन में दो बार ब्रश करने को ही ओरल हेल्थ के लिए पर्याप्त मानते हैं, लेकिन ब्रश करने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

गलत तरीके से ब्रश करने पर दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है. इससे सेंसिटिविटी बढ़ सकती है और मसूड़ों में जलन या अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं.

वहीं, दांतों पर प्लाक जमा रहने से आगे चलकर कैविटी और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. आइए जानते हैं ब्रश करते समय किन आम गलतियों से बचना चाहिए…

कई लोगों को लगता है कि दांतों पर ज्यादा दबाव डालकर ब्रश करने से वे बेहतर तरीके से साफ होंगे. लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. ज्यादा दबाव से इनेमल घिसने लगता है, जिससे दांतों में सेंसिटिविटी यानी झनझनाहट बढ़ सकती है.

मसूड़ों पर भी इसका असर पड़ सकता है और उनमें दर्द या जलन जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए ब्रश हमेशा हल्के हाथ से और आराम से करें.

जल्दबाजी में ब्रश करना भी ओरल हेल्थ के लिए सही नहीं है. कई लोग 20-30 सेकंड में ही ब्रश करके आगे बढ़ जाते हैं. इससे दांतों की सभी सतहों की ठीक से सफाई नहीं हो पाती और प्लाक या खाने के अवशेष बचे रह सकते हैं.

ब्रश करने में करीब 2 मिनट का समय देना बेहतर माना जाता है. इससे दांतों के अलग-अलग हिस्सों की अच्छी तरह सफाई की जा सकती है और प्लाक जमने की संभावना कम होती है.

ब्रश करते समय सिर्फ दांतों के सामने वाले हिस्से पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. दांतों की अंदरूनी सतह, उनके बीच की जगह और मसूड़ों के किनारे भी अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. इन जगहों पर प्लाक आसानी से जमा हो सकता है.

खाने के तुरंत बाद ब्रश करना हर स्थिति में सही नहीं होता. खासकर अम्लीय चीजें या सॉफ्ट ड्रिंक लेने के तुरंत बाद ब्रश करने से बचना चाहिए. ऐसे खाद्य पदार्थ कुछ समय के लिए दांतों की सतह को प्रभावित कर सकते हैं.

ओरल हाइजीन में सिर्फ दांतों की सफाई ही जरूरी नहीं है. जीभ पर भी बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो सकती है, जो मुंह से बदबू आने की एक वजह बन सकती है. इसलिए रोजाना जीभ की भी सफाई करनी चाहिए.