शुभ काम में जाने से पहले क्यों खाते हैं दही शक्कर, जानें वजह

हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम में जाने से पहले दादी या मम्मी अक्सर दही शक्कर खिलाती हैं.

लोग इसे बस एक पुराना टोटका मान लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे विज्ञान का बहुत बड़ा कनेक्शन है. आइए जानते हैं…

आयुर्वेद के हिसाब से देखें तो चरक संहिता के सूत्रस्थान में दही के बारे में बहुत सी काम की बातें बताई गई हैं. किताब कहती है कि दही की तासीर ठंडी होती है, जो हमारे शरीर में कफ और पित्त को बैलेंस रखती है.

जब भी हम किसी जरूरी काम के लिए घर से निकलते हैं, तो टेंशन और घबराहट के कारण हमारे पेट में हलचल या गर्मी होने लगती है.

ऐसे में दही खाते ही पेट को तुरंत ठंडक मिलती है और डाइजेशन ठीक रहता है. वहीं, चीनी हमारे शरीर को तुरंत ग्लूकोज देती है, जिससे थके हुए दिमाग को झटपट एनर्जी मिल जाती है.

विज्ञान कहता है कि दही एक बेहतरीन प्रोबायोटिक है, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. गर्मियों के दिनों में जब लोग तेज धूप में बाहर निकलते हैं, तो उन्हें चक्कर आने या पानी की कमी होने का डर रहता है.

ऐसे समय में दही शक्कर का ये मेल शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. यह खाने में इतना हल्का होता है कि इसे पचाने में शरीर को बिल्कुल मेहनत नहीं करनी पड़ती. इसे खाकर जब आप निकलते हैं, तो परीक्षा हॉल या सफर में खुद को एकदम फ्रेश महसूस करते हैं.

कोई भी बड़ा काम करने से पहले मन में थोड़ा डर या बेचैनी होना तो लाजमी है. उस नर्वस मोमेंट पर जब घर का कोई मुस्कुराते हुए हमें अपने हाथों से दही शक्कर खिलाता है, तो दिल को तसल्ली मिलती है.

यह मीठा स्वाद हमारे मूड को एकदम से बढ़िया कर देता है. इससे हमारा कॉन्फिडेंस बढ़ता है और मन में एक पॉजिटिव सोच आती है.