कितने तरह के होते हैं डायमंड, जानें क्या होता है सब में अंतर?
सभी तरह के हीरे भले ही खूबसूरती से चमकते हों लेकिन वे सभी एक जैसे नहीं होते. उनकी ओरिजिन, केमिस्ट्री, प्योरिटी काफी अलग होती है.
बता दें कि हर प्रकार के हीरों की अपनी खासियत होती हैं. ऐसे चलिए जानते हैं कि हीरे कितने प्रकार के होते हैं और उनमें क्या अंतर होता है.
हीरों को मोटे तौर पर नेचुरल हीरे और लैब ग्रोन हीरों में बांटा गया है, जिनमें कई प्रकार की अशुद्धियां भी होती है.
बता दें कि हीरे को उसके बनने के दौरान उसके अंदर फंसे तत्व के आधार पर केमिकल प्रकार में बांटा जाता है.
टाइप Ia कैटेगरी के हीरों में नाइट्रोजन के एटम स्ट्रक्चर के अंदर गुच्छों में होता है. यह अक्सर पीले या फिर भूरे रंग के दिखते हैं.
टाइप Ib हीरें में नाइट्रोजन पाया जाता है, जिसके कारण इसका रंग गहरा पीला होता है.
वहीं, टाइप IIa में कोई अशुद्धि नहीं होती. यह बिल्कुल साफ और कीमती होता है. कोहिनूर जैसे मशहूर हीरे इसी कैटेगरी के हैं.
टाइप IIb- जब बोरॉन हीरे के स्ट्रक्चर में मिल जाता है तब यह नीला या फिर ग्रे रंग पैदा करता है.
बता दें कि रंग हीरे की सबसे खास विशेषताओं में से एक है. लेकिन रंगहीन हीरे सबसे दुर्लभ और सबसे ज्यादा महंगे होते हैं.
इसके अलावा, दुर्लभ हीरे जैसे कि गुलाबी, लाल, हरे काफी ज्यादा दुर्लभ होते हैं और उनकी कीमत भी काफी ज्यादा होती है.