गंगा सप्तमी पर भूलकर भी गंगा जी में न डालें ये चीजें, वरना हो जाएंगे कंगाल

गंगा सप्तमी का दिन मां गंगा के पुनर्जन्म के रूप में मनाया जाता है. हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाई जाती है.

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, जाह्नु ऋषि ने वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को अपने कान से गंगा को मुक्त किया था.

मान्‍यता है कि गंगा सप्तमी के दिन मां गंगा पुनः पृथ्वी पर आईं थीं. इस साल यह त्योहार 23 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा.

गंगा सप्‍तमी के दिन गंगा जी में भूलकर भी कुछ चीजों को नहीं डालना चाहिए. आइए जानते हैं वो कौन सी चीजें है…

गंगा सप्तमी के दिन गंगा जी में अस्थियां डालने से बचे. 

गंगा सप्तमी के दिन गंगा जी में अशुद्ध चीजों को भी न डालें.

गंगा सप्तमी के दिन गंगा जी में भूलकर भी पुराने वस्त्र नहीं डालने चाहिए.

इस दिन हवन व पूजन सामग्री जो पहले की हो उन्हें डालने से बचना चाहिए.

शैम्पू, साबुन स्नान आदि की चीजें गंगा जी में डालने से बचना चाहिए. गंगा स्नान के समय पवित्रता का खास ख्याल रखना चाहिए.