कालाष्टमी पर करें ये खास उपाय, भय, दुखों का नाश करेंगे काल भैरव

हिंदू धर्म में कालाष्टमी व्रत को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है. कालाष्टमी हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है.

ये दिन भगवान शिव के बेहद उग्र स्वरूप कालभैरव को समर्पित होता है. इस दिन काल भैरव का पूजन और उपवास किया जाता है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार जो जातक काल भैरव का पूजन करते हैं, उसके जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाता है.

दरअसल, बाबा काल भैरव का आशीर्वाद प्राप्त करने के कई उपाय हैं. इससे उनकी कृपा मिलती है. आइए बताते हैं  कालाष्टमी के उपाय...

अगर आपमें भय की भावना बनी रहती है, तो कालाष्टमी के पर काल भैरव मंदिर जाएं. उनके चरणों में धागा बांधकर 'ऊं ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊं' मंत्र का जाप करें. इससे भय का नाश होगा.

कालाष्टमी के दिन आप सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करके बाबा काल भैरव की पूजा करें और उनके समक्ष दीपक जलाएं. फिर उनसे अपनी मनोकामना मांगें. इसके बाद आप बाला काल भैरव को जलेबी का भोग लगाएं. जलेबी काल भैरव बाबा को बेहद प्रिय है इसलिए मान्यतानुसार बाबा आपसे प्रसन्न होते हैं और आपकी हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं. 

अगर आपको घर में नेगेटिव एनर्जी महसूस हो रही है तो पौष माह की कालाष्टमी के भगवान काल भैरव के समक्ष दीपक जलाएं, उनको मीठी रोटी का भोग लगाएं. इस उपाय को करने से आपके घर में मौजूद सारी नेगेटिव एनर्जी का नाश हो जाता है. 

अगर आपका जावन संकटों से भरा है तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर जाएं और वहां जाकर काजल और कपूर का दान करें. इससे व्यक्ति के जीवन में मौजूद सारे दुखों और संकटों का नाश होता है.

अगर आप आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर जाकर सिंदूर या चमेली का तेल चढ़ाएं. इस उपाय से जीवन से सभी प्रकार के दुख और परेशानियों का नाश होता है.