शीतला अष्टमी पर करें ये चमत्कारी उपाय, मिलेगा रोग मुक्ति का वरदान

हिंदू धर्म में होली के ठीक आठ दिन बाद यानी चैत्र मास के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि को शीतलाष्‍टमी के रूप में मनाया जाता है.

इसे बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है. मान्‍यता है कि इस दिन विधि विधान से माता शीतला की पूजा और व्रत करने से व्‍यक्ति को विशेष लाभ मिलता है.

उसे रोग मुक्ति का वरदान मिलता है. गंभीर से गंभीर बीमारियां दूर हो जाती है.

ज्‍योतिष शास्‍त्र के अनुसार, शीतला अष्‍टमी पर कुछ उपाय करना विशेष फलदायी होता है. 

मान्यता है कि इन उपायों को करने से  संतान खुशहाल रहती है और रोगों एवं दोषों से छुटकारा मिलता है. आइए जानते हैं शीतलाष्टमी के दिन किए जाने वाले  उपायों के बारे में…

मान्‍यता है कि मां शीतला नीम के पेड़ पर वास करती हैं. ऐसे में शीतला अष्टमी के मौके पर नीम के पेड़ को जल अर्पित करें.

इसके बाद पेड़ की सात परिक्रमा लगाएं. कहा जाता है कि ऐसा करने से बच्चें के जीवन में आने वाले संकट दूर होते हैं.

शीतला अष्टमी के अवसर पर मां शीतला की विधिपूर्वक पूजा करें. उन्हें श्रृंगार का सामान, लाल रंग के फूल और लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें. माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

अगर आपका बच्चा या कोई भी बार-बार बीमार पड़ जाता है, या किसी घातक बीमारी से पीड़ित है तो ऐसे में शीतलाष्टमी पर मां शीतला को पूजा के दौरान हल्दी चढ़ाएं. 

पूजा समाप्‍त हो जाने के बाद हल्दी को घर के सभी सदस्यों को लगाएं. मान्‍यता है कि इस उपाय को करने से बीमारियों से निजात मिलता है.