इन 5 जगहों पर बैठकर खाना माना जाता है अशुभ, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

वास्तु शास्त्र में घर की दिशा और बनावट के साथ-साथ रोजमर्रा की आदतों से जुड़े कई नियम भी बताए गए हैं. मान्यता है कि घर में रहने का तरीका और कुछ गलत आदतें वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं.

खासतौर पर भोजन करने की जगह को लेकर भी वास्तु में कुछ बातें कही गई हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, भोजन को मां अन्नपूर्णा का स्वरूप माना जाता है.

इसलिए खाना खाते समय जगह की साफ-सफाई और पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए. कुछ स्थानों पर बैठकर भोजन करने से घर की सुख-शांति और समृद्धि प्रभावित होने की मान्यता है.

वास्तु के अनुसार घर के मुख्य द्वार के आसपास बैठकर खाना उचित नहीं माना जाता. मान्यता है कि मुख्य द्वार घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान होता है और इसे साफ-सुथरा रखना चाहिए.

खाने के बाद बचा हुआ भोजन या जूठे बर्तन दरवाजे के आसपास रखने से भी इस जगह की स्वच्छता प्रभावित हो सकती है. इसलिए भोजन के लिए घर में एक साफ और निर्धारित स्थान रखना बेहतर माना जाता है.

कई लोगों की आदत होती है कि वे टीवी या मोबाइल देखते हुए बिस्तर पर बैठकर खाना खा लेते हैं. वास्तु मान्यताओं में इसे भी सही नहीं माना गया है. माना जाता है कि इससे घर का सकारात्मक माहौल प्रभावित हो सकता है.

भोजन को सम्मान देने के लिए साफ जगह पर बैठकर खाने की सलाह दी जाती है. वास्तु मान्यताओं के अनुसार गंदे या अस्वच्छ स्थान पर भोजन करने से घर का सकारात्मक वातावरण प्रभावित हो सकता है.

इसलिए जहां भोजन करना हो, उस जगह को पहले अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए. साफ-सफाई से न सिर्फ घर का माहौल बेहतर रहता है, बल्कि स्वच्छता के लिहाज से भी यह जरूरी है.

कुछ घरों में लोग किचन में गैस चूल्हे के पास ही बैठकर खाना शुरू कर देते हैं. वास्तु शास्त्र में चूल्हे को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है और उसके बिल्कुल पास बैठकर भोजन करना उचित नहीं माना जाता.