गौरी गणेश चतुर्थी पर इस विधि से करें पूजा, पूरी होगी सभी मनोकामना

भगवान गणेश को समर्पित गौरी गणेश चतुर्थी का हिंदू धर्म में खास महत्व है. माघ शुक्ल चतुर्थी में पड़ने वाली ये चतुर्थी अत्यंत पूजनीय है. 

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक उपवास करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. 

ऐसे में आइए जानते हैं कि गौरी गणेश चतुर्थी पर किस विधि से पूजा करनी चाहिए...

गौरी गणेश चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें, स्नान करें और व्रत का संकल्प लें. 

फिर भगवान गणेश की मिट्टी से बनी प्रतिमा स्थापित करें. 

इसके बाद व्रकतुंड गणेश षोडशोपचार का पाठ करें. 

फिर भगवान गणेश को मोदक का भोग अर्पित करें. गम स्वाहा का जाप अपनी क्षमतानुसार करें. 

मध्याह्न के दौरान, चतुर्थी तिथि को 3 बार श्रद्धापूर्वक अर्घ्य अर्पित करें. 

फिर व्रत पूरा करने के बाद पंचमी तिथि को तिल का मोदक ग्रहण करें.