ये पांच चीजें बिगाड़ रही सेहत का संतुलन, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां
आज के समय में शुगर की बीमारी से तेजी से लोग ग्रस्त हो रहे. काम में व्यस्त लोगों को पता ही नहीं लगता है कि धीरे-धीरे बीमारी उनके शरीर में पनप रही है.
लक्षण सामने आने पर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है. ऐसे में जब बीमारी बिगड़ जाती है, तब महसूस होता है कि काश पहले ही सावधानी बरत ली होती.
शुगर के साथ भी ऐसा ही होता है. यह एक दिन में होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि हमारी आलस से भरी लाइफस्टाइल का नतीजा है.
आज हम आपको जीवनशैली की उन आदतों के बारे में बताएंगे, जो ब्लड शुगर को असंतुलित करती हैं.
आयुर्वेद में सुबह का समय हल्का और संतुलित आहार का होता है, लेकिन सुबह उठते ही लोग पहली शुरुआत चाय और बिस्कुट से करते हैं. खाली पेट मीठे पेय पदार्थ का सेवन ब्लड शुगर के असंतुलन का कारण बनता है.
खाने के बाद बैठ जाना और लेट जाना सबसे बड़ा कारण है क्योंकि इससे शरीर में ग्लूकोज के एनर्जी में बदलने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है.
आयुर्वेद मानता है कि अगर खाने के बाद हल्की सैर की जाए तो ब्लड सर्कुलेशन और ग्लूकोज का सही उपयोग शरीर में होता है और बीमारियां भी परेशान नहीं करतीं.
आज की जीवनशैली में रात को देर तक जागना और देर रात खाना बीमारी का सबसे बड़ा कारण है.
ढलते सूरज के साथ पाचन धीमा होता है और ऐसे में खाना शरीर में सड़ने लगता है और पेट संबंधी विकार भी उत्पन्न होने लगते हैं.
कम नींद लेना स्ट्रेस का सबसे बड़ा कारण है, जिससे मन और तन दोनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती है. ऐसे में हॉर्मोन का असंतुलन और इंसुलिन का अवशोषण शरीर में कम होता है और बीमारियां पनपने लगती हैं.
मीठे स्नैक्स, मैदा से बने उत्पाद और कोल्ड ड्रिंक का सेवन न सिर्फ ब्लड शुगर, बल्कि पूरे शरीर के लिए हानिकारक होती है. बाहरी उत्पादों में सोडियम और रिफाइंड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है.