क्या आपको भी हर वक्त रहती है ऑफिस के काम की चिंता, हो सकती है मानसिक बीमारी
आज के दौर में लोग ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों में ऐसे बिजी गए हैं कि उन्हें खुद का कोई ख्याल नहीं रहता.
कई बार लोग ऑफिस की डेडलाइन, बॉस का दबाव, मीटिंग को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मान लेते हैं.
वो इस तनाव को कई दिनों तक लेकर चलते हैं. जिससे उनकी लाइफ पर बुरा असर पड़ने लगता है.
ये आदत धीरे-धीरे मेंटल हेल्थ को प्रभावित करने लगती है. काम के दबाव के कारण लोगों को हर वक्त तनाव, बेचैनी या थकान महसूस होने लगता है.
लंबे समय तक अगर तनाव रहता है तो व्यक्ति की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है. हर समय काम की चिंता रहना, चिड़चिड़ापन, नींद न आना जैसे संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए.
अगर तनाव से जुड़े लक्षण लगातार बने हुए हैं, काम प्रभावित हो रहे हैं या व्यक्ति खुद अपनी परेशानी संभाल नहीं पा रहा तो तुरंत मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लें.
ऑफ़िस के काम ऑफ़िस तक ही रहने दें. उस तनाव को कभी अपने जिंदगी का हिस्सा न बनने दें.
अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें. शाम के वक्त बाहर निकलें. लोगों से मिले-जुलें.