हजारों जवाबों से अच्छी मेरी खामोशी है, पढ़ें Manmohan Singh के अनमोल विचार

आज देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री, दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती मनाई जा रही है, इस खास मौके पर हर कोई उन्हें याद कर रहा है.

दुनियाभर के लोग मनमोहन सिंह के सरल, सादगीपूर्ण जीवन और निस्वार्थ सेवा को नमन कर रहे हैं. आज हम यहां मनमोहन सिंह के कुछ विचार लेकर आए हैं, जो आपको प्रेरणा से भर देंगे.

हजारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी है...न जाने कितने सवालों की आबरू रखी.

माना के तेरी दीद के काबिल नहीं हूं मैं, तू मेरा शौक तो देख मेरा इंतजार तो देख.

मैं वह आखिरी शख्स हूंगा जो यह कहे कि कुछ बेहतर करने की गुंजाइश नहीं है.

हो सकता है कि हमने कुछ गलत किया हो... लेकिन हमने बहुत अच्छे काम भी किए हैं.

मैं किसी नियम से ऊपर नहीं हूं...

तू इधर-उधर की ना बात कर, ये बता कि क़ाफ़िला क्यों लुटा, हमें रहज़नों से गिला नहीं, तेरी रहबरी का सवाल है.