International News: अमेरिका भारत को देगा घातक हथियार, गेमचेंजर है ट्रंप का 'स्ट्राइकर'
अगले सप्ताह आगामी यात्रा पर पीएम मोदी वाशिंगटन डीसी जा रहे है. इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच कई रक्षा सौदे हो सकते हैं.
उनमें सबसे खास इन्फैंट्री कॉम्बैट वेहिक्ल स्ट्राइकर के सह-उत्पादन का सौदा भी शामिल है.
जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना के लिए स्ट्राइकर को बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में ले जाकर टेस्ट भी किया गया है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनरल डायनेमिक्स द्वारा निर्मित स्ट्राइकर का पिछले सितंबर-अक्टूबर में लद्दाख की उच्च ऊंचाई वाली स्थितियों में टेस्ट कर सेना मुख्यालय से रिपोर्ट साझा किया गया.
सूत्रों की मानें, तो वाहनों को 13,000 से 18,000 फीट की ऊंचाई वाली स्थितियों में टेस्ट किया गया, जिसमें जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल का भी परीक्षण किया गया.
स्ट्राइकर ने अपने डबल-वी हॉल के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया. वहीं, जेवलिन का प्रदर्शन बेहतरीन नहीं था.
जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल की पुरानी शैली के कारण इसे दोबारा परीक्षण से गुजारा गया. भारत ने पहले ही अमेरिकी को जेवलिन के दोबारा टेस्टिंग के लिए एक पत्र भेजा है.
कई रक्षा अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना ने पैदल सेना के लड़ाकू वाहनों पर लगाए जाने वाले ATGMs की एक प्रमुख आवश्यकता को पहचाना है.
स्ट्राइकर लैंडमाइन से सुरक्षा प्रदान करता है. इसे मैदानी इलाकों, रेगिस्तानी और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है. इसे बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जाना जाता है.
इन्फैंट्री कॉम्बैट वेहिक्ल स्ट्राइकर के कई वेरिएंट होते हैं, जैसे एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल कैरियर, मोबाइल गन सिस्टम. इसकी रेंज लगभग 500 किमी और स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा है.