देश की एकमात्र जगह, जहां ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठ के एक साथ होते हैं दर्शन
भारत की धरती रहस्यों, आस्था और दिव्य शक्तियों से भरी हुई है. यहां हजारों मंदिर, तीर्थ और शक्तिपीठ हैं.
इसी बीच कुछ स्थान ऐसे भी हैं जो अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण पूरे देश में अद्वितीय माने जाते हैं.
ऐसे में ही भारत में एक ऐसा भी पवित्र तीर्थ है जहां भगवान शिव का ज्योतिर्लिंग और मां शक्ति का शक्तिपीठ दोनों एक ही परिसर में स्थित हैं.
दरअसल, आंध्र प्रदेश के नल्लामाला जंगलों के बीच बसा श्रीशैलम है, जहां भगवान शिव और शक्ति की एनर्जी एक साथ अनुभव की जा सकती है.
श्रीशैलम के प्रमुख मंदिर का नाम मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर है. यह भगवान शिव के 12 प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक है.
मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां प्रकट हुए थे अपने नाराज पुत्र कार्तिकेय को मनाने के लिए गए थे.
यहां की एनर्जी इतनी शांत और पवित्र मानी जाती है कि भक्त सिर्फ दर्शन भर से आत्मिक हल्कापन महसूस करते हैं.
ज्योतिर्लिंग के ठीक पास ही मां भ्रमराम्बा का शक्तिपीठ स्थित है, जो 18 महाशक्ति पीठों में से एक है.
पौराणिक कथाओं के अनुसार, यही माता सती की गर्दन गिरी थी, और तभी से यहां देवी को भ्रमराम्बा (मधुमक्खियों की रानी) के रूप में पूजा जाता है.
माना जाता है कि यहां दर्शन करके भक्तों को अपनी मुश्किलों, नकारात्मक शक्तियों और सुरक्षा मिलती हैं.