नारंगी रंग का ही क्यों होता है गैस सिलेंडर का पाइप, जानकर उड़ जाएंगे होश
हर भारतीय घर में खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडर या पाइपलाइन वाली गैस का इस्तेमाल किया जाता है.
वैसे तो गैस सुरक्षित होती है, लेकिन उससे जुड़े सामान भी सुरक्षा के लिहाज से बहुत अहम होते हैं.
आपने देखा होगा कि ज्यादातर LPG कनेक्शन में नारंगी रंग की पाइप का इस्तेमाल होता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह...
नारंगी रंग के एलपीजी पाइपों को 'Suraksha LPG Hose' कहा जाता है.
दरअसल, नारंगी रंग को 'हाई-विजिबिलिटी' वाला रंग माना जाता है. ये अंधेरे में भी आसानी से दिख जाता है.
इन नारंगी पाइपों में 3 लेयर्स होते हैं. अंदर की परत गैस-प्रतिरोधी होती है, बीच में स्टील के तार का जाल होता है, जो इसे चूहों के काटने से बचात है और बाहरी नारंगी परत आग प्रतिरोधी होती है.
भारत में BIS मानकों के तहत बनने वाले असली सुरक्षा पाइप इसी नारंगी रंग में आते हैं, जो रसोई के उच्च तापमान और गैस के दबाव को झेल सकता है.
ट्रांसपरेंट या पारदर्शी पाइप का इस्तेमाल आमतौर पर पानी, हवा या कम दबाव वाले कामों के लिए किया जाता है क्योंकि इनसे होज के अंदर देखा जा सकता है.
एलपीजी गैस में मौजूद प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे ही लिक्विड केमिकल साधारण प्लास्टिक या पारदर्शी पीवीसी पाइन के संपर्क में आते हैं, तो उसे अंदर से सख्त बना देते हैं.
इससे पाइप में जल्दी क्रैक आ जाते हैं और इससे गैस लीक होने का खतरा बना रहता है. इन्हें चूहे भी आसानी से कुतर सकते हैं. ये पाइप आग प्रतिरोधी नहीं होते हैं इसलिए आंच लगने पर तुरंत पिघल जाते हैं.