17 फरवरी से हो गई अग्नि पंचक की शुरुआत, अगले 4 दिन भूलकर भी न करें ये काम

सनातन धर्म में पंचक का खास महत्व होता है. मंगलवार से शुरू होने वाला अग्नि पंचक बेहद खतरनाक माना जाता है. 

17 फरवरी मंगलवार से अग्नि पंचक की शुरुआत हो चुकी है. शास्त्रों के अनुसार, अग्नि पंचक के दौरान आग लगने की घटनाएं अधिक होती हैं.

ऐसे में इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. इस समय अग्नि से संबंधित कोई भी कार्य करने से बचना चाहिए.

बता दें कि 21 फरवरी 2026 को रात 7.07 पर अग्नि पंचक समाप्त होगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि अग्नि पंचक के दौरान क्या नहीं करना चाहिए...

इस दौरान घर में गैस सिलेंडर, लकड़ी या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न करें. अग्नि से संबंधित मशीनों से जुड़े कार्य को करने से बचें.

इस दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने से बचें. वरना नुकसान हो सकता है. 

इन 5 दिनों में हवन, यज्ञ भी न कराएं. इसके अलावा इस समय घर की छत न डलवाएं. फर्नीचर न खरीदें. 

इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा न करें. शव का अंतिम संस्कार (विशेष प्रक्रिया के बिना) न करें. चारपाई या पलंग न बनवाएं.