हमेशा लाल रंग का ही क्यों होता है बजट ब्रीफकेस? जानिए महत्व

हर साल 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश करती हैं. वो इस बार लगातार नौवां बजट पेश करने वाली हैं.

बजट से पहले लाल रंग का ब्रीफकेस काफी चर्चा में रहता है. इसमें बजट का बूरा ब्यौरा रहता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बजट ब्रीफकेस लाल रंग का ही क्यों होता है. आइए आपको बताते हैं इसके पीछे का धार्मिक महत्व...

बता दें कि लाल रंग का बजट ब्रीफकेस ब्रिटिश काल से ही पेश किया जा रहा है.

इसकी शुरूआत ब्रिटिश चांसलर ग्लैडस्टोन ने साल 1860 में रानी के मोनोग्राम के साथ लाल चमड़े का ब्रीफ़केस पेश किया था.

सनातन धर्म में लाल रंग बेहद शुभ माना जाता है. ये रंग लोगों का ध्यान आकर्षित करता है.

सनातन धर्म में धार्मिक ग्रंथों को ढकने के लिए लाल रंग के कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है. लाल रंग किसी भी शुभ काम की शुरूआत के लिए शुभ माना जाता है.  

धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रिय रंग लाल है. ये सौभाग्य, शुभता और समृ्द्धि का प्रतीक है. यही वजह है कि किसी नए काम शुरूआत इस रंग के साथ की जाती है.

बजट कई अहम घोषणाएं लेकर आता है. ऐसे में इस रंग की अहमियत बहुत ज्यादा होता है. मां लक्ष्मी की कृपा इस रंग पर हमेशा बनी रहती है .