राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री या कोई और... भारत में किसके पास है परमाणु हथियारों का कंट्रोल

दुनिया के 9 परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों में भारत भी शुमार है. हालांकि, भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी बाकी देशों से अलग है.

दरअसल, भारत का रुख स्पष्ट है कि उसने परमाणु हथियार किसी देश पर हमला करने के लिए नहीं बल्कि, परमाणु शक्ति संपन्न देशों से अपनी सुरक्षा के लिए बनाए हैं.

भारत कभी भी किसी देश पर पहले परमाणु हमला नहीं करेगा, इस मामले में भारत 'नो फर्स्ट यूज' की पॉलिसी अपनाता है.

यानी जब तक भारत को न्यूक्लियर अटैक का खतरा न हो, तब तक भारत भी इन हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा.

बता दें कि परमाणु हथियारों को लॉन्च करने के लिए कोई एक रिमोट कंट्रोल नहीं होता, जिसमें सिर्फ बटन दबाने की जरूरत पड़ती है.

इसकी सबसे खास बात ये है कि भारत में परमाणु हथियारों का कंट्रोल किसी एक व्यक्ति के पास नहीं है.

ऐसे में प्रधानमंत्री चाहकर भी अकेले परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का आदेश नहीं दे सकते.

भारत में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर अंतिम फैसला न्यूक्लियर कमान अथॉरिटी लेती है, जिसके दो हिस्से होते हैं, राजनीतिक परिषद और कार्यकारी परिषद.

बता दें कि राजनीतिक परिषद की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री करते हैं और कार्यकारी परिषद की अध्यक्षता देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार करते हैं.

ऐसे में इन दोनों के आदेश के बाद ही परमाणु हथियारों को लॉन्च किया जा सकता है.