पिंक सॉल्ट के सेवन से बच्चों में बढ़ रही ये बीमारियां, ये हैं आयोडीन की कमी के लक्षण
इन दिनों साधारण नमक की जगह लोग पिंक सॉल्ट यानि गुलाबी नमक का इस्तेमाल करने लगे हैं.
वजह पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा थोड़ी अधिक मिलती है. लेकिन क्या आपको पता है कि इससे शरीर में आयोडीन की कमी होने लगती है.
डॉक्टर का कहना है कि जिस नमक को आप सेहत के लिए फायदेमंद मानकर खा रहे हैं वो आपको थायरॉइड और घेंघा जैसी बीमारियों का मरीज बना सकता है.
बता दें कि गुलाबी नमक को अक्सर मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे माइक्रो मिनरल से भरपूर नेचुरल पोषक तत्व बताकर बेचा जाता है.
कई लोग यह सोचकर गुलाबी नमक का इस्तेमाल करने लगते हैं, कि इसमें सोडियम कम होता है और हार्ट के लिए बेहतर है. लेकिन ये धारणा गलत है.
गुलाबी नमक में पर्याप्त आयोडीन नहीं होता. इसके फायदे सिर्फ दिखावटी हैं.
घेंघा रोग की वैश्विक महामारी को खत्म करने के लिए खाने के नमक में आयोडीन कम किया गया, लेकिन इससे अन्य बीमारीयां जन्म लेने लगी.
बिना आयोडीन वाले नमक के सेवन से हाइपोथायरायडिज्म, बालों का झड़ना, बहुत ज्यादा थकान और बच्चों में विकास संबंधी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है.
थायराइड हार्मोन के कार्य के लिए आयोडीन बहुत महत्वपूर्ण है और गुलाबी नमक का लगातार सेवन आयोडीन की कमी का कारण बन सकता है.
गुलाबी नमक सामान्य नमक की तरह ही होता है, लेकिन इसमें आयोडीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और आयरन जैसे सूक्ष्म खनिज होते हैं, जिनकी वजह से इसका रंग गुलाबी होता है.