'वर्क फ्रॉम होम करें', आखिर PM Modi ने क्यों कहा ऐसा, जानें वजह

पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच समझकर इस्तेमाल करने की अपील की है. 

पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में ऊर्जा की बचत करना बहुत जरूरी हो गया है. 

इसके साथ ही उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम मॉडल का भी जिक्र किया.

पीएम मोदी ने कहा कि कंपनियों और संस्थानों को फिर से वर्क फ्रॉम होम करने के विकल्प पर विचार करना चाहिए.

बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और तेल संकट के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से ये अपील की है.

सरकार चाहती है कि देश में ईंधन की खपत कम हो ताकि विदेशी मुद्रा पर दबाव कम किया जा सके.

कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम मॉडल से सड़कों पर ट्रैफिक घटा और पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी देखी गई थी. प्रदूषण का स्तर कम हुआ.

वर्क फ्रॉम होम मॉडल का फायदा ये है कि इससे ईंधन की बचत होगी. लोग ऑफिस आने-जाने में कम पेट्रोल और डीजल खर्च करेंगे.

सार्वजनिक परिवहन पर दबाव घटेगा. साथ ही शहरों में प्रदूषण का स्तर भी कम होगा. कंपनियों को भी ऑफिस खर्च, बिजली और दूसरी सुविधाओं पर कम खर्च करना पड़ेगा.

एक्सपर्ट का मानना है कि अगर केंद्र सरकार कंपनियों को प्रोत्साहन दे और राज्यों के साथ मिलकर ग्रीन वर्क पॉलिसी जैसी योजनाएं शुरू करे.

तो भारत अपने तेल आयात खर्च में बड़ी कमी ला सकता है. इससे देश का आर्थिक दबाव कम होगा और रुपये की स्थिति भी मजबूत हो सकती है.