पुत्रदा एकादशी पर कर लें ये 3 काम, संतान सुख की होगी प्राप्ति

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जानते हैं.

ऐसी मान्यता है कि जो लोग पुत्रदा एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें योग्य संतान की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही जातक के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं.

इस साल 23 अगस्त को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. धर्म-शास्त्रों में संतान सुख की प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी के दिन कुछ उपाय करने की सलाह दी गई है.

माना जाता है कि पुत्रदा एकादशी व्रत रखने, भगवान विष्‍णु और माता लक्ष्‍मी की पूजा करने के साथ-साथ ये उपाय करने से बहुत लाभ होता है. ऐसे में आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में…

पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्‍णु का पीले वस्‍त्रों, पीले फूलों से श्रृंगार करें. पीले फल जैसे केले, आम आदि अर्पित करें. पीली मिठाई का भोग लगाएं.

इससे कुंडली में संतान का कारक ग्रह गुरु मजबूत होता है और जल्‍द संतान प्राप्ति के योग बनते हैं.

पुत्रदा एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल न चढ़ाएं लेकिन घी का दीपक लगाएं. तुलसी की परिक्रमा करें. तुलसी माला से "ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः" मंत्र का जाप करें.

पुत्रदा एकादशी के दिन अपनी सामर्थ्‍य के अनुसार गरीबों को फल, अन्न, वस्त्र आदि का दान करें.