हाथ में रुद्राक्ष पहनने वाले भूलकर भी न करें ये काम, वरना हो जाएंगे तबाह

सनातन धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव से जोड़ा जाता है. शिव भक्त इसे माला के रुप में धारण करते हैं.

माना जाता है कि रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति पर भगवान शिव की कृपा बरसती है और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है.

हालांकि, शास्त्रों में रुद्राक्ष धारण करने को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं. रुद्राक्ष पहनने वालों को कुछ काम भूलकर भी नहीं करना चाहिए. आइए जानते हैं…

मान्यताओं के अनुसार, ‘रुद्राक्ष’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है- ‘रुद्र’ (भगवान शिव का नाम) और ‘अक्ष’ (आंसू). माना जाता है कि संसार के कल्याण के लिए शिव जी के नेत्रों से गिरे आंसुओं से ही रुद्राक्ष के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी.

शास्त्रों के अनुसार रुद्राक्ष हमेशा सोमवार, शिवरात्रि या किसी शुभ दिन शिव जी का ध्यान करके पहनें

रुद्राक्ष को लाल, पीले, सफेद धागे या चांदी/सोने की धातु में ही पिरोकर पहनें. इसे काले धागे में न पहनें.  कलाई में 12 या अपनी जरूरत के अनुसार मनके पहने जाते हैं

बाथरूम जाने से पहले हाथ का रुद्राक्ष उतार देना चाहिए. किसी की मृत्यु या श्मशान यात्रा में जाते समय रुद्राक्ष उतार देना चाहिए.

रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए.

रात को सोने से पहले रुद्राक्ष को निकालकर किसी पवित्र स्थान या पूजा घर में रख देना चाहिए.

गंदे या दूषित हाथों से रुद्राक्ष को भूलकर भी नहीं छूना चाहिए.