सावन महीने में क्यों नहीं खरीदना चाहिए सोना? जानिए वजह

सनातन धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र माना जाता है. ये महीना भगवान शिव को समर्पित होता है. इस साल सावन 30 जुलाई 2026, गुरुवार के दिन से शुरू होने जा रहा.

सावन का महीना आते ही सात्विक और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है. यहां तक कि खान-पान से लेकर पहनावे तक पर भी विशेष सावधानियां रखी जाती हैं.

शास्त्रों में इस बात का भी उल्लेख है कि सावन महीने में सोना नहीं खरीदना चाहिए. ऐसे में आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह…

शास्त्र के अनुसार, सोना गुरु यानी बृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है, जो कि एक अत्यंत शुभ ग्रह है.

इसके पीछे शुद्ध रूप से व्यावहारिक, आर्थिक और मौसमी कारण छिपे हैं. सावन का महीना वर्षा ऋतु का समय होता है.

प्राचीन काल में भारत एक कृषि प्रधान देश था, जहां इस मौसम में किसान अपनी फसलों की बुआई में पूरी तरह व्यस्त रहते थे और उनका सारा धन कृषि कार्यों में लग जाता था.

सावन का महीना पूर्णतः वैराग्य, भक्ति, तप और साधना का समय होता है. यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है, जो स्वयं कंचन से दूर वैरागी स्वरूप में रहते हैं.

इसलिए इस समय भौतिक सुख-सुविधाओं, धन-संपत्ति के प्रदर्शन या विलासिता की वस्तुएं जैसे सोना खरीदने के बजाय ध्यान और सात्विकता पर जोर दिया जाता था.