सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले जरूर चेक करें ये चीजें, वरना हो जाएगा नुकसान
आजकल ज़्यादातर लोग नई कार की बजाय सेकेंड हैंड कार खरीद रहे हैं. इससे उन्हें कम बजट में ही अच्छी कार मिल जाती है.
हालांकि, कई बार लोगों को सेकेंड हैंड कार एक मुसीबत बन जाती है. क्योंकि वो बिना कार की कंडीशन देखे ही उसे ख़रीद लेते हैं.
बिना किसी जांच-पड़ताल के कार खरीदना आपके लिए भारी नुकसान का कारण बन सकता है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है…
सेकेंड हैंड कार खरीदने से पहले ये तय करें कि आपको किस तरह की कार चाहिए और आपका बजट कितना है. कार की क़ीमत के साथ-साथ इंश्योरेंस, सर्विस, आरसी ट्रांसफर, टैक्स और मेंटेनेंस का खर्च भी अपने बजट में शामिल करें.
फिर अपनी जरूरत के हिसाब से पेट्रोल, डीजल, CNG या इलेक्ट्रिक कार चुनें. अगर आपको कोई कार पसंद आती है, तो ये ज़रूर देखें कि कार की बॉडी पर बड़े डेंट, जंग या एक्सीडेंट के निशान तो नहीं हैं.
इसके अलावा दरवाजे, बोनट और डिक्की ठीक से खुल-बंद हो रहे हैं या नहीं, ये भी जांच करें. उसके अंदर सीटें, AC, म्यूजिक सिस्टम, पावर विंडो, हेडलाइट, इंडिकेटर और बाकी सभी फीचर्स सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं.
इंजन और मैकेनिकल पार्ट्स की जांच करना सबसे जरूरी होता है. कार की कम से कम 5 से 10 किलोमीटर तक टेस्ट ड्राइव जरूर लें.
कार के सभी दस्तावेज भी अच्छी तरह जांच लें. RC, इंश्योरेंस, PUC सर्टिफिकेट, सर्विस हिस्ट्री और यदि कार पर पहले लोन था तो उससे जुड़े दस्तावेज जरूर देखें.
इसके अलावा कार की ओडोमीटर रीडिंग यानी कितने किलोमीटर चली है, उसकी भी जांच करें. ये भी पता करें कि कार पहले कभी किसी बड़े एक्सीडेंट का शिकार तो नहीं हुई.