सोमवती अमावस्या पर इस विधि से करें पूजा, महादेव की बरसेगी असीम कृपा
सनातन धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन स्नान दान और पितरों को श्राद्ध करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या 15 जून को पड़ रही. इसी दिन अधिकमास समाप्त होगा. ये सोमवार को पड़ रही है इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जा रहा है.
मान्यता है कि इस दिन महादेव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन किस विधि से पूजा करनी चाहिए...
सोमवती अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें.
अगर आप घर में स्नान कर रहे हैं तो नहाने वाले पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें. अगर संभव है तो अमावस्या के दिन गंगा नदी में स्नान करें.
स्नान आदि के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें. इसके साथ ही भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें.
दीपक जलाकर भोलेनाथ और पार्वती मां की विधिपूर्वक पूजा करें. इसके बाद उनकी आरती करें और विशेष मंत्रो का जाप करें.
इस दौरान सुख, शांति, समृद्धि आदि की कामना करें. बता दें कि इस दिन पिंड दान भी किया जाता है.