सूर्य ग्रहण देखने से सेहत पर पड़ता है बुरा असर, खराब हो जाते हैं ये अंग
हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण का महत्वपूर्ण स्थान है. सूर्य ग्रहण को न सिर्फ आध्यात्मिक, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्व दिया गया है.
साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन लगने जा रहा है.
हालांकि, भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा. ये दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.
ऐसे में आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण का हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है... साइंटफिक नजरिए से सूर्य ग्रहण अपने आप में कोई नुकसान नहीं पहुंचाता.
असली खतरा तब होता है, जब लोग बिना सुरक्षा के सूर्य को सीधे देखने की कोशिश करते हैं.
ग्रहण के दौरान भी सूरज की किरणें आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे सोलर रेटिनोपैथी नाम की समस्या हो सकती है.
और नजर हमेशा के लिए कमजोर पड़ सकती है इसलिए एक्सपर्ट हमेशा इक्लिप्स ग्लास या सुरक्षित तरीकों से ही देखने की सलाह देते हैं.
कुछ रिसर्च के अनुसार इस तरह की खगोलीय घटनाएं कुछ लोगों की नींद और बॉडी क्लॉक पर हल्का असर डाल सकती हैं.
साइकलॉजिस्ट मानते हैं कि सूर्य ग्रहण जैसे रेयर मौके इमोशनल रूप से लोगों को प्रभावित कर सकते हैं.
एक्सपर्ट का कहना है कि जो लोग पहले से तनाव या एंग्जायटी से जूझ रहे होते हैं, उनमें इस दौरान स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकता है.
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर असर पड़ सकता है. हालांकि विज्ञान ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं करता.